मेरे लिए अदा करो कोई, दिल को दिल से न जुदा करो कोई॥
थक गया हूँ तेरी बेवफ़ाई से, झूठा ही सही, वफ़ा करो कोई॥
मंज़िल कुछ दूर सही तो क्या गम है, जब साथ हम सफ़र हो कोई ॥
वो गली-गली, वो नज़र-नज़र, रुक के देखा तो वेखबर है कोई॥
मेरे लिए अदा करो कोई, दिल को दिल से न जुदा करो कोई॥
थक गया हूँ तेरे बेवफ़ाई से, झूठा ही सही, वफ़ा करो कोई॥