Jul 11, 2009

झूठा ही सही, वफ़ा करो कोई..

मेरे लिए अदा करो कोई, दिल को दिल से न जुदा करो कोई॥
थक गया हूँ तेरी बेवफ़ाई से, झूठा ही सही, वफ़ा करो कोई॥

मंज़िल कुछ दूर सही तो क्या गम है, जब साथ हम सफ़र हो कोई ॥
वो गली-गली, वो नज़र-नज़र, रुक के देखा तो वेखबर है कोई॥

मेरे लिए अदा करो कोई, दिल को दिल से न जुदा करो कोई॥
थक गया हूँ तेरे बेवफ़ाई से, झूठा ही सही, वफ़ा करो कोई॥