Apr 12, 2009

एक ऐसा वर्ष

नई शुबह, नई शुरुआत, नई बात
आइये स्वागत करते है एक नए वर्ष की
जिस की पुनराब्रित शादियो तक होती रहे
एक ऐसा दामन जो कभी अश्क से कभी गीली न हो
एक ऐसा वर्ष .........

जो दर्द के लिए दवा,
रात के लिए दिन,
दिलों के लिए धड़कने,
इश्क को जवानी,
पनघट में पानी,
पेडों को पत्ते,
सपने बने हकीकत,
आख्नो में उम्मीदे,
बेटे को माँ के लिए प्यार,
बच्चो को उचित शिक्षा और संस्कार,
सरहद पर अमन, चैन, शुख और शान्ति,
मूकअम्मिल दिन, सुनहरा सूरज, चांदनी राते,
कोयल को कु, कु,
शाहिल को सरगम,
खेतो में पानी,
सावन सुहानी,
पतझड़ को बहार,
धरती को प्यार,
राही को रास्ता,
मुशाफिर को मंजिल,
मृत्यु को जीवन,
जीवित को भोजन,
रोजगार, स्वीकार, परोपकार,
उमंग, तरंग, सरंग,
ईद, दिवाली, दसहरा,
पंछी को घोंसले,
हमको हौसले लेकर आए ,
जो धरती के उज्जवल भविष्य के निर्माण में धरती के सहयोगियों की सहायता करे
.............................................................................................................

4 comments:

  1. आप हिन्दी में लिखते हैं. अच्छा लगता है. मेरी शुभकामनाऐं आपके साथ हैं

    ReplyDelete
  2. भावो की अभिव्यति सुन्दर है । बहुत बहुत बधाई स्वीकारे और मेरे ब्लोग पर आने की जहमत ले। शुभकामनाओ के साथ लेखन करते रहे।

    ReplyDelete
  3. हुज़ूर आपका भी एहतिराम करता चलूं ...........
    इधर से गुज़रा था, सोचा, सलाम करता चलूं ऽऽऽऽऽऽऽऽ

    -(बकौल मूल शायर)

    ReplyDelete