मेरे लिए अदा करो कोई, दिल को दिल से न जुदा करो कोई॥
थक गया हूँ तेरी बेवफ़ाई से, झूठा ही सही, वफ़ा करो कोई॥
मंज़िल कुछ दूर सही तो क्या गम है, जब साथ हम सफ़र हो कोई ॥
वो गली-गली, वो नज़र-नज़र, रुक के देखा तो वेखबर है कोई॥
मेरे लिए अदा करो कोई, दिल को दिल से न जुदा करो कोई॥
थक गया हूँ तेरे बेवफ़ाई से, झूठा ही सही, वफ़ा करो कोई॥
JHOOTI WAFA SE BEHTAR HAI KI AAO AKELE JEELE HUM....SAPNO KI DUNIYA SE NIKAL KAR HAQIQAT KE PAL MEIN KHUD SE PYAAR KAR LE HUM...
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